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नेपाल सरकार
गृह मन्त्रालय

जिल्ला प्रसासन कार्यालय, रोल्पा

जिल्लाका परिचय


 बि.सं.२०१८ साल पूर्व रोल्पा नामको जिल्ला अस्तित्वमा थिएन । तत्कालीन राजा महेन्द्रबाट पञ्चायती शासन व्यवस्थाको विजारोपण संगसंगै जिल्लाहरुको संरचना विभाजन र समायोजन गर्ने क्रममा प्यूठान र सल्यान जिल्ला अन्तर्गत रहेका केही भू–भागलाई मिलाएर एउटा छुट्टै जिल्ला घोषणा गर्ने कार्य भयो । त्यसपछि कोटमौला गा.वि.स.को रोल्पा भन्ने ठाउँ (उक्त गा.वि.स.२०३२ साल तिर सल्यान जिल्लामा मिलान गरीएको) को नामबाट रोल्पा जिल्ला भन्ने नाम रहन गई जिल्ला सदरमुकाम लिवाङमा स्थापित भयो ।

    यसरी रोल्पा जिल्ला छुट्टैरुपमा स्थापना भएतापनि केही वर्षसम्म सम्पूर्ण सरकारी कामकाज प्यूठान जिल्लाबाटै हुने गर्दथ्यो । रोल्पा जिल्लामा ५४ वटा गा.वि.स.(तत्कालिन गाउँ पञ्चायत) रहदै आएकोमा पुनः भौगोलिक संरचना गर्ने क्रममा २०३२/०३३ सालतिर रोल्पा जिल्ला अन्तर्गतका ढाकाडाम, दमाचौर,कालागाउँ, थारमारे, कोटमौला लगायतका गा.वि.स.हरु सल्यान जिल्लामा र रोल्पा जिल्लाको खारा लगायतका गा.वि.स.हरुलाई रुकुम जिल्लामा मिलान गरिएको थियो भने प्यूठान जिल्ला अन्तरगत रहेका मसीना, जौलिपोखरी, घोडागाउँ, खुंग्री तथा सल्यान जिल्लाका दुबिडाँडा, सखी, झेनाम, नुवागाउँ, जुँगार, गैरीगाउँ, बुढागाउँ,डुब्रीङ गा.वि.स.हरु रोल्पा जिल्लामा मिलान गरेपछि रोल्पा जिल्लामा ५१ वटा गा.वि.स.कायम हुन गएको हो ।

 

भौगोलिक अवस्थिति :–

कूल क्षेत्रफल................................................................१८९३ वर्ग कि.मि.

समुन्द्र सतहबाट उचाई.................................................७०१ मिटर देखि ३६३९ मिटरसम्म

सबै भन्दा उचाईमा रहेको क्षेत्र......................................जलजला ३६३९ मिटर

सबै भन्दा होचो क्षेत्र...................................................खुंग्री ७०१ मिटर

देशान्तर..................................................................८३.१००–८३.९०० पूर्व

अक्षाश....................................................................२८.८०—२८.३८० उत्तर

तापक्रम...................................................................३.६०—३१.२० सेल्सियस सम्म

हावापानी.................................................................उष्ण, समशितोष्ण, शित

सीमाना :-

पूर्व — बाग्लुङ र प्यूठान

पश्चिम — सल्यान

उत्तर — रुकुम

दक्षीण — दाङ

प्रशासनिक विभाजन :-

अञ्चल — राप्ती

सदरमुकाम — लिवाङ

निर्वाचन क्षेत्र स ख्या – २ वटा

ईलाका संख्या — ११ वटा

गा.वि.स. – ५१ वटा

जनसंख्या सम्बन्धी विवरण (२०५८ अनुसार) :-

 

कूल जनसंख्या..............................................................२,१०,००४

महिला............................................................................१,०८,४१२

पुरुष...............................................................................१,०१,५९२

बार्षिक जनसंख्या बृद्धि दर ..............................................१.५६ प्रतिशत

जनघनत्व ......................................................................११२ (प्रति व.कि.मि.)

घर परिवार संख्या...........................................................३८,५१२

एक प्रहरी वरावर जनभार..........................‌‌‌‌‌‌‌.........................३८३ जना

प्रमुख जाति (२०५८ अनुसार) :-

 

मगर................................................................................ ४३.७८ %

क्षेत्री...................................................................................३३.३८ %

दलित..................................................................................१०.५० %

अन्य....................................................................................१२.३४ %

भाषा (२०५८ अनुसार) :-

नेपाली....................................................................................८१.५५ %

मगर(खाम)..............................................................................१८.१७ %

अन्य......................................................................................०.२८ %

धर्म मान्नेहरुको जनसंख्या प्रतिशतमा(२०५८ अनुसार) :-

हिन्दू.........................................................................................७४.४९ %

वौद्ध.........................................................................................२४.२५ %

क्रिश्चियन.................................................................................०.१४ %

मुस्लिम.....................................................................................०.०६ %

अन्य.........................................................................................०.०६ %

शैक्षिक स्तर (२०५८ अनुसार) :-

साक्षारता प्रतिशत...........................................................................३७.३६ %

महिला.........................................................................................२२.९५ %

पुरुष............................................................................................५२.८५ %

मुख्य कृषि उत्पादन :-

अन्न वाली — धान, मकै, कोदो, गहुँ, तोरी, जौ , फापर, भटमास, आदि ।

तरकारी — आलु, सिमी, काउली, बन्दा आदि ।

फलफूल बाली — कागती, सुन्तला, मौसम, आँप, केरा, अम्बा, नास्पाती, आदि ।

नगदे बाली — अदुवा, खुर्सानी, बेसार, आदि ।

खनिज तथा कच्चा पदार्थ :-

फलाम खानी — जेल्वाङ, पाछावाङ, धवाङ

तामा खानी — धवाङ, तालावाङ, ज कोट र हार्जङ ।

सुन खानी — गाम खोला, फगाम खोला, स्यूरीको सुनछहरी ।

कोइला खानी — मसिना, डुब्रिङ, झेनाम, दुबिडाँडा, खुमेल ।

सिसा खानी — करेटी

चुन खानी — धवाङ

स्लेट खानी — लिवाङ, धवाङ, सिर्प, बडाचौर, खुमेल ।

पर्यटकीय स्थल :-

जलजला — थवाङ, धवाङ, जेल्वाङको बीच

सुनछहरी झरना — सिउरी गा.वि.स. मा

स्वर्गद्धारी प्रभुको जन्म स्थान– रुन्टी — (सखी गा.वि.स.मा)

धार्मिक स्थल :-

शिव पन्चायन मन्दिर (खुंग्री गा.वि.स.)

शिव गुफा (जुँगार गा.वि.स.)

शिव गुफा (जिनावाङ गा.वि.स)

यातायातको अवस्था :-

पक्की सडक — लिवाङ–खुंग्री (गा.वि.स.)सम्म ३८ कि.मि.

ग्राभेल सडक — दाङको घोराही–नुवागाउँको तिला सम्म ५६ कि.मि.

ग्राभेल सडक — लिवाङ–दारबोट २५ कि.मि.

ग्राभेल सडक – तिला–दारबोट १० कि.मि.

कच्ची सडक – दुई खोली राङकोट ३.५ कि.मि.

कच्ची सडक – सुलिचौर— फुलिवन २७ कि.मि.

कूल पक्की सडक..............................................................................३८ कि.मि.

कूल ग्राभेल सडक.............................................................................९१ कि.मि.

कूल कच्ची सडक.............................................................................७१.५ कि.मि.

विBत सेवा :-

सेवा संचालन गा.वि.स......................................................................१४ वटा

जम्मा ग्राहक संख्या.........................................................................४,६४१